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AN-32 हादसा: जहानाबाद के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार शहीद, मां से आखिरी वीडियो कॉल में कही थी ये बात

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असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान हादसे में जहानाबाद के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार शहीद हो गए। हादसे से पहले मां से हुई आखिरी वीडियो कॉल परिवार के लिए भावुक याद बन गई।

जहानाबाद/आलम की खबर:बिहार के जहानाबाद जिले के बनवरिया गांव के लिए 13 जून का दिन हमेशा के लिए दर्द भरी याद बन गया। जिस गांव ने अपने एक होनहार बेटे को देश की रक्षा के लिए भारतीय वायुसेना को समर्पित किया था, उसी गांव में अब अपने वीर सपूत की शहादत का गम पसरा हुआ है। असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान दुर्घटना में जहानाबाद के रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार शहीद हो गए। देश सेवा के दौरान हुए इस दर्दनाक हादसे में शुभम कुमार समेत पांच वायुसेना कर्मियों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।

शुभम कुमार की शहादत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव बनवरिया पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोगों के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी। कुछ घंटे पहले तक जिस बेटे की आवाज घर में गूंज रही थी, उसकी शहादत की सूचना मिलने के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया। गांव के लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं और अपने वीर बेटे को याद कर रहे हैं।

परिवार के लिए सबसे भावुक पल वह आखिरी बातचीत है, जो हादसे से कुछ समय पहले शुभम कुमार ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर की थी। बताया जाता है कि बातचीत के दौरान शुभम ने अपनी मां से कहा था कि वह अभी ड्यूटी में व्यस्त हैं और बाद में आराम से बात करेंगे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मां और बेटे के बीच आखिरी संवाद साबित होगा। कुछ घंटों बाद असम के जोरहाट से विमान दुर्घटना की खबर आई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

शुभम के छोटे भाई सत्यम ने बताया कि जब हादसे की जानकारी मिली तो शुरुआत में परिवार को इस पर विश्वास नहीं हुआ। सभी को उम्मीद थी कि शायद कोई गलत सूचना हो, लेकिन बाद में आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद सच्चाई सामने आई। इसके बाद पूरे परिवार में मातम छा गया। शुभम की शहादत ने सिर्फ उनके परिवार को ही नहीं बल्कि पूरे जहानाबाद जिले को भावुक कर दिया है।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का जीवन संघर्ष, मेहनत और देश सेवा के संकल्प की कहानी रहा है। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले शुभम ने अपनी लगन और मेहनत के बल पर भारतीय वायुसेना में अधिकारी का पद हासिल किया था। वर्ष 2021 में उन्होंने वायुसेना में शामिल होकर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली। परिवार के लोगों के अनुसार शुभम बचपन से ही अनुशासित, मेहनती और जिम्मेदार स्वभाव के थे।

शुभम के लिए देश सेवा हमेशा सबसे ऊपर रही। परिवार के अनुसार उन्होंने अपने जीवन में कर्तव्य और जिम्मेदारी को सबसे अधिक महत्व दिया। उन्होंने अपनी मेहनत से वह मुकाम हासिल किया, जिस पर आज पूरा परिवार और पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। उनके करीबी लोगों का कहना है कि शुभम बेहद सरल, शांत और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव आने पर वह हर व्यक्ति से सम्मान और अपनापन के साथ मिलते थे।

बनवरिया गांव के लोगों का कहना है कि शुभम ने अपने परिवार के साथ-साथ पूरे जहानाबाद जिले का नाम रोशन किया है। छोटे से गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनना और फिर देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। ग्रामीणों ने कहा कि शुभम जैसे वीर युवाओं की वजह से देश सुरक्षित रहता है और उनका बलिदान हमेशा याद किया जाएगा।

शुभम के परिवार ने देश को एक ऐसा बेटा दिया है, जिसने अपने व्यक्तिगत जीवन से ऊपर उठकर राष्ट्र की सेवा को चुना। बताया जाता है कि शुभम अपने कर्तव्य को लेकर बेहद गंभीर रहते थे और हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाते थे। उनके जीवन का उद्देश्य देश की सेवा करना था और उन्होंने आखिरी सांस तक अपने इस संकल्प को निभाया।

AN-32 विमान हादसे में फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का निधन भारतीय वायुसेना के लिए भी बड़ी क्षति है। देशभर से लोग शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। जहानाबाद में लोग अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। हर आंख नम है, लेकिन हर दिल में शुभम की वीरता और देशभक्ति को लेकर गर्व भी है।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। उन्होंने साबित किया कि देश की सेवा सबसे बड़ा सम्मान है। जहानाबाद के इस वीर सपूत को पूरा देश नमन कर रहा है।

शत-शत नमन वीर सपूत फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार।

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